Atal Setu Toll : भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने के लिए राज्य और केंद्र सरकार लगातार नए कदम उठा रही हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है—अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) पर इलेक्ट्रिक वाहनों को पूरी तरह टोल टैक्स से मुक्त किया गया है। यह कदम न केवल EV मालिकों को राहत देगा बल्कि हरित परिवहन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्या है अटल सेतु?
अटल सेतु (Atal Setu Toll), जिसे मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (MTHL) भी कहा जाता है, भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है। यह मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ता है और लॉजिस्टिक्स, परिवहन व यातायात प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पुल की कुल लंबाई लगभग 22 किलोमीटर है और यह प्रोजेक्ट मुंबई की कनेक्टिविटी को नई दिशा देता है।
अटल सेतु पर सामान्य वाहनों के लिए टोल शुल्क काफी ज्यादा है—लगभग ₹250 से ₹500 तक—लेकिन अब इलेक्ट्रिक वाहनों को 100% टोल छूट मिलने जा रही है।
सरकार का नया निर्णय क्या है?
महाराष्ट्र सरकार ने Electric Vehicle Policy 2025 के तहत यह ऐलान किया है कि:
- अटल सेतु पर EVs के लिए टोल टैक्स पूरी तरह से समाप्त किया गया है।
- यह छूट केवल अटल सेतु तक सीमित नहीं है, बल्कि मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग जैसे अन्य प्रमुख मार्गों पर भी लागू होगी।
- अन्य राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर EVs को 50% टोल छूट दी जाएगी।
यह निर्णय 22 अगस्त 2025 से प्रभावी हो गया है और यह छूट कम से कम 5 वर्षों तक (मार्च 2030 तक) लागू रहेगी।

कौन होंगे लाभार्थी?
- चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन (निजी और व्यावसायिक)
- इलेक्ट्रिक बसें
- टू-व्हीलर EVs पर अभी स्पष्टता नहीं है, लेकिन सरकार भविष्य में इसके लिए भी राहत दे सकती है।
लाभ क्या होंगे?
आर्थिक बचत
EV मालिकों को हर यात्रा पर ₹250 से ₹500 तक की टोल बचत होगी। नियमित यात्रियों के लिए यह बचत सालाना ₹50,000 से ₹1 लाख तक हो सकती है।
ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना और प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देना है।
EV बिक्री में तेजी
इस तरह के इंसेंटिव्स EVs की बिक्री को और अधिक बढ़ावा देंगे, क्योंकि यूजर्स के लिए यह आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक होगा।

अन्य फायदे EV मालिकों को
महाराष्ट्र सरकार की EV पॉलिसी 2025 के तहत:
- पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन कर में छूट।
- EV खरीद पर 10-15% सब्सिडी।
- हाईवे पर हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन की सुविधा।
- EV बसों और टैक्सियों को अतिरिक्त इंसेंटिव।
इस कदम का असर क्या होगा?
- मुंबई और आसपास के इलाकों में EV उपयोग तेजी से बढ़ेगा।
- ट्रैफिक पर सकारात्मक असर होगा क्योंकि लोग EV चुनने के लिए प्रेरित होंगे।
- प्रदूषण और ईंधन खर्च में बड़ी कमी आएगी।

EV मालिकों के लिए आवश्यक जानकारी
- यह छूट केवल अटल सेतु (Atal Setu), मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग पर लागू है।
- अन्य राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 50% टोल छूट मिलेगी।
- EV पहचान के लिए ग्रीन नंबर प्लेट और वैध दस्तावेज जरूरी होंगे।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार का यह कदम EV उद्योग के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। आने वाले समय में ऐसे फैसले न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में लागू हो सकते हैं। अगर आप EV खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह सही समय है क्योंकि जीरो टोल टैक्स, सब्सिडी और टैक्स लाभ जैसी सुविधाएँ आपकी गाड़ी को सस्ती और किफायती बना देंगी।
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