Karnataka Study Abroad Expo 2025: विदेश में पढ़ाई अब केवल अमीरों का सपना नहीं रहा… कर्नाटक सरकार के सहयोग से होने वाला स्टडी अब्रॉड एक्सपो 2025 छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के दरवाजे खोल रहा है। यह 17 अगस्त को बेंगलुरु स्थित होटल ललित अशोक में आयोजित किया जा रहा है, जहां 60 से अधिक विदेशी विश्वविद्यालय छात्रों के साथ सीधा संवाद करेंगे।
सरकार के कर्नाटक व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास निगम (KVTSDC) की इस पहल के तहत अब तक 5,000 से ज्यादा छात्र रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। अभी भी छात्र इस एक-दिवसीय एक्सपो में शामिल होकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
Study Abroad Expo 2025 क्या है?
Study Abroad Expo 2025 एक ऐसा एजुकेशन फेयर है जहां विभिन्न देशों की टॉप यूनिवर्सिटीज़ एक ही जगह पर आती हैं और भारतीय छात्रों को पढ़ाई, स्कॉलरशिप और करियर के अवसरों की जानकारी देती हैं। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों को सही दिशा दिखाता है, बल्कि उन्हें पूरी तरह से गाइड भी करता है कि विदेश में पढ़ाई कैसे शुरू करें।
क्या है खास इस एक्सपो में?
इस एक्सपो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय भाग ले रहे हैं, जो छात्रों को स्कॉलरशिप और एडमिशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, पब्लिक और प्राइवेट बैंकों द्वारा मौके पर ही एजुकेशन लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, वह भी कम ब्याज दरों पर। खास तौर पर Karnataka Bank ने सबसे स्टूडेंट-फ्रेंडली लोन पैकेज देने का आश्वासन दिया है।
इस एक्सपो में छात्रों को बिना किसी एजेंसी फीस के, यूनिवर्सिटी चयन से लेकर विदेश में सपोर्ट तक, हर चरण पर फ्री गाइडेंस मिलेगा। यही नहीं, विदेश में पढ़ाई के दौरान कानूनी सहायता, वेलफेयर और अकादमिक प्रगति से जुड़ी सेवाएं भी सरकार की ओर से सुनिश्चित की गई हैं।
60+ विदेशी यूनिवर्सिटीज़ की मौजूदगी
इस एक्सपो में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके, जर्मनी, फ्रांस और यूरोप के अन्य देशों की 60 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज़ हिस्सा लेंगी।
यहां छात्र:
- सीधा यूनिवर्सिटी रिप्रेजेंटेटिव से बातचीत कर पाएंगे
- अपने कोर्स और स्कॉलरशिप विकल्पों पर चर्चा कर पाएंगे
- एडमिशन की प्रक्रिया और डेडलाइन की सही जानकारी पा सकेंगे
सरकार का उद्देश्य: हर वर्ग के छात्र को मिले मौका
कर्नाटक के स्किल डेवलपमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप और लाइवलीहुड मंत्री डॉ. शरणप्रकाश पाटिल ने कहा कि विदेश में पढ़ाई अब सिर्फ अमीरों का विशेषाधिकार नहीं। कर्नाटक सरकार की इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी बिना किसी बोझ के विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का यह पहला ऐसा प्रयास है जिसमें छात्रों को भारत से बाहर भी निरंतर सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें शैक्षणिक प्रगति, वेलफेयर और कानूनी मदद भी शामिल है।
स्कॉलरशिप और लोन सुविधा
विदेश में पढ़ाई का सबसे बड़ा सवाल है – खर्चा। इसी को ध्यान में रखते हुए इस एक्सपो में:
- टॉप यूनिवर्सिटीज़ द्वारा दी जाने वाली Merit-based Scholarships
- Need-based Financial Aid
- ऑन-द-स्पॉट **Education Loan Assistance (भारतीय बैंकों और NBFCs के साथ पार्टनरशिप)
- कम ब्याज दर पर स्टूडेंट लोन
- EMI सुविधा
ये सारी जानकारी छात्रों और अभिभावकों के लिए बहुत मददगार होगी।